इस मार्गदर्शिका में
भारत में मुफ्त कानूनी सहायता महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति और जनजाति के सदस्यों, दिव्यांगजनों, हिरासत में बंद लोगों, औद्योगिक कामगारों, तस्करी या आपदा के पीड़ितों और तय आय सीमा से कम कमाने वालों को मिलती है। आवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) या तालुका विधिक सेवा समिति में करें, या मार्गदर्शन के लिए नालसा हेल्पलाइन 15100 पर फोन करें।
इंसाफ इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि आप वकील की फीस दे सकते हैं या नहीं। संविधान का अनुच्छेद 39क राज्य को समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है, और विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 तालुका से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक संस्थाओं का जाल बनाकर इसे ज़मीन पर उतारता है।
मुफ्त कानूनी सहायता में क्या-क्या मिलता है?
कानूनी सहायता का मतलब सिर्फ अदालत में मुफ्त वकील नहीं है। आपकी ज़रूरत के हिसाब से इसमें शामिल हो सकता है:
- आपकी समस्या पर कानूनी सलाह और परामर्श
- अदालत में आपकी पैरवी के लिए अधिवक्ता, जिसका खर्च विधिक सेवा प्राधिकरण उठाता है
- आवेदन, जवाब, नोटिस और याचिका का मसौदा तैयार करने में मदद
- कोर्ट फीस और मुकदमे के कुछ अन्य खर्च
- लोक अदालत और मध्यस्थता के ज़रिए विवाद सुलझाने में मदद
कानूनी सहायता दीवानी, फौजदारी, पारिवारिक, श्रम और अन्य मामलों में, और अदालतों के अलग-अलग स्तरों पर मिल सकती है।
मुफ्त कानूनी सहायता का हकदार कौन है?
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 बताती है कि किन्हें कानूनी सेवाएँ पाने का अधिकार है। आप पात्र हो सकते हैं अगर आप:
- महिला या बच्चे हैं
- अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य हैं
- मानव तस्करी या बेगार (जबरन मजदूरी) के पीड़ित हैं
- दिव्यांग हैं
- सामूहिक आपदा, जातीय हिंसा, जातिगत अत्याचार, बाढ़, सूखा, भूकंप या औद्योगिक आपदा के पीड़ित हैं
- औद्योगिक कामगार हैं
- हिरासत में हैं, जिसमें संरक्षण गृह, किशोर गृह या मनोरोग अस्पताल या नर्सिंग होम शामिल हैं
- ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी सालाना आय राज्य सरकार (सुप्रीम कोर्ट के मामलों में केंद्र सरकार) की तय सीमा से कम है
आय सीमा हर राज्य में अलग है और समय-समय पर बदलती रहती है, इसलिए अपने डीएलएसए से पूछ लें। अगर आप बाकी किसी श्रेणी में आते हैं, जैसे महिला होना या अनुसूचित जाति/जनजाति का सदस्य होना, तो आम तौर पर आय की शर्त लागू नहीं होती।
सुझाव: प्राधिकरण के पास जाने से पहले सब कुछ साबित करना ज़रूरी नहीं है। डीएलएसए जाएँ, अपनी स्थिति ईमानदारी से बताएँ और पूछें कि उन्हें आपसे कौन से कागज़ चाहिए।
मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कहाँ करें?
विधिक सेवा संस्थाएँ हर स्तर पर मौजूद हैं:
- तालुका विधिक सेवा समिति: तालुका या उप-मंडल स्तर पर
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए): हर जिले में, आम तौर पर जिला न्यायालय परिसर में
- राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एसएलएसए): राज्य स्तर पर
- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा): राष्ट्रीय स्तर पर
ज्यादातर लोगों के लिए डीएलएसए या तालुका समिति ही सही शुरुआत है। कहाँ और कैसे आवेदन करें, यह समझने के लिए आप नालसा हेल्पलाइन 15100 पर भी फोन कर सकते हैं।
आवेदन कैसे करें: चरण दर चरण
- अपने जिले का डीएलएसए या तालुका विधिक सेवा समिति खोजें। जिला अदालत में पूछें या अपने जिले के विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में ऑनलाइन देखें।
- फ्रंट ऑफिस या कानूनी सहायता क्लिनिक जाएँ और कानूनी सहायता का आवेदन फ़ॉर्म माँगें। कुछ प्राधिकरण ऑनलाइन आवेदन भी लेते हैं, इसलिए अपने डीएलएसए या राज्य प्राधिकरण की वेबसाइट देख लें।
- अपना नाम, पता, संपर्क और समस्या का छोटा सा ब्योरा भरें। अगर आप धारा 12 की किसी श्रेणी में आते हैं, तो उसका ज़िक्र करें।
- पात्रता के समर्थन में जो भी हो, जैसे जाति प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र या आय की घोषणा, और अपने मामले से जुड़े दस्तावेज़ों की प्रतियाँ लगाएं।
- आवेदन जमा करें और रसीद लें या संदर्भ संख्या नोट करें।
- प्राधिकरण आपके आवेदन की जाँच करता है। पात्र पाए जाने पर वह सलाह या पैरवी के लिए पैनल अधिवक्ता नियुक्त करता है।
- नियुक्त अधिवक्ता के साथ लगातार संपर्क में रहें, तारीखों पर पहुँचें और हर दस्तावेज़ व जानकारी साझा करें।
अगर आप हिरासत में हैं, तो पुलिस, जेल प्रशासन या मजिस्ट्रेट से कानूनी सहायता वाला वकील माँग सकते हैं। अगर आप वकील का खर्च नहीं उठा सकते, तो मुफ्त कानूनी सहायता गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकारों का हिस्सा है।
लोक अदालत क्या है?
लोक अदालतें विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा आयोजित ऐसे मंच हैं जहाँ विवाद आपसी सहमति से सुलझाए जाते हैं। इनमें अदालत में लंबित मामले भी आते हैं और ऐसे विवाद भी जो अभी दायर नहीं हुए, जैसे पैसे की वसूली, मोटर दुर्घटना, पारिवारिक और बिजली-पानी के बिल से जुड़े कई मामले।
- लोक अदालत में उठाए गए विवाद पर कोई कोर्ट फीस नहीं लगती।
- लोक अदालत का अवॉर्ड अंतिम होता है और पक्षों पर बाध्यकारी होता है।
- समझौता स्वैच्छिक है। आप सहमत न हों, तो मामला सामान्य अदालत में चलता रहता है।
कानूनी सहायता वाले वकील से संतुष्ट न हों तो?
अगर लगे कि नियुक्त अधिवक्ता आपके मामले पर ध्यान नहीं दे रहे, तो पहले उनसे सीधे अपनी चिंता बताएं। बात न बने, तो डीएलएसए के सचिव को लिखित में समस्या बताकर वकील बदलने का अनुरोध कर सकते हैं।
न्याय घर कैसे मदद कर सकता है
अगर आपको यकीन नहीं कि आप कानूनी सहायता के पात्र हैं, या अपने विकल्पों पर मार्गदर्शन चाहते हैं, तो आप कानूनी सहायता का अनुरोध कर सकते हैं और हमारी कानूनी परामर्श सेवाओं के ज़रिए अधिवक्ता से जुड़ सकते हैं। अगर आपकी या परिवार के किसी सदस्य की गिरफ्तारी हुई है, तो पढ़ें गिरफ्तारी के समय आपके अधिकार। किसी भी अधिवक्ता से मिलने से पहले वकील से पहली मुलाकात की तैयारी वाली हमारी सूची काम आएगी।
यह मार्गदर्शिका सामान्य कानूनी जानकारी है, आपके विशेष मामले के लिए कानूनी सलाह नहीं।
न्याय घर टीम द्वारा संबंधित अधिनियमों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के आधार पर, सामान्य जानकारी के लिए लिखी गई। कानून बदलते रहते हैं, इसलिए कोई कदम उठाने से पहले किसी योग्य अधिवक्ता से वर्तमान स्थिति जान लें।
आधिकारिक स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या मुफ्त कानूनी सहायता सिर्फ गरीबों को मिलती है?
नहीं। महिलाएँ, बच्चे, अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्य, दिव्यांगजन, हिरासत में बंद लोग और कुछ अन्य वर्ग धारा 12 के तहत आय की शर्त के बिना हकदार हैं। बाकी लोगों के लिए आय की सीमा देखी जाती है।
नालसा हेल्पलाइन नंबर क्या है?
नालसा का हेल्पलाइन नंबर 15100 है। कानूनी सहायता कैसे मिलेगी और किस प्राधिकरण के पास जाना है, यह समझने के लिए आप इस पर फोन कर सकते हैं।
क्या हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के मामले में भी मुफ्त कानूनी सहायता मिलती है?
हां। संबंधित विधिक सेवा संस्था के ज़रिए अदालतों के अलग-अलग स्तरों पर कानूनी सहायता मिलती है। कहाँ आवेदन करना है, यह अपने डीएलएसए या राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से पूछें।
क्या लोक अदालत का समझौता मानना ज़रूरी है?
हां। लोक अदालत का अवॉर्ड अंतिम होता है और पक्षों पर बाध्यकारी होता है। इसलिए केवल उन्हीं शर्तों पर सहमति दें जिन्हें आप पूरी तरह समझते हों।
अपनी स्थिति में मदद चाहिए?
हर मामला अलग होता है। हमें बताइए क्या हुआ, हमारी टीम उसकी समीक्षा कर आपको सही अगले कदम की ओर मार्गदर्शन देगी।




