मुख्य सामग्री पर जाएँ
न्याय घर

हर नागरिक के लिए कानूनी मार्गदर्शन

जब भी हो कानूनी मदद की बातन्याय घर सदैव खड़ा आपके साथ

बताइए क्या हुआ। हम आगे का रास्ता समझाएँगे।

हम किनके लिए हैं

एक मंच। तीन रास्ते।

नागरिकों के लिए कानूनी मदद, और अधिवक्ताओं व बदलाव लाने वालों के लिए मदद देने का मंच।

नागरिकों के लिए

किसी विवाद, कानूनी नोटिस या पुलिस मामले से परेशान हैं? हिंदी या अंग्रेज़ी में बताइए।

कानूनी सहायता लें

अधिवक्ताओं के लिए

किसी राज्य बार काउंसिल में नामांकित, प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता। अपने प्रैक्टिस क्षेत्रों के मामलों में सहायता करें।

अधिवक्ता के रूप में जुड़ें

बदलाव लाने वालों के लिए

विधि छात्र, इंटर्न, स्वयंसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता और जिला समन्वयक। अपने इलाके में जागरूकता का काम आगे बढ़ाइए।

नेटवर्क से जुड़ें
आपकी राह

हम कैसे काम करते हैं

पहले संदेश से अदालत में आपके मामले तक, एक साफ़ रास्ता।

  1. 1

    अपनी समस्या दर्ज करें

    अपनी समस्या और संपर्क विवरण ऑनलाइन फ़ॉर्म में भरें।

  2. 2

    अधिवक्ता से परामर्श

    अधिवक्ता आपका मामला समझकर आपके अधिकार और विकल्प बताते हैं।

  3. 3

    मसौदा तैयार करना और केस दाखिल करना

    आप आगे बढ़ना चाहें, तो अधिवक्ता ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार कर अदालत में दाखिल करते हैं।

  4. 4

    समय पर जानकारी और पारदर्शिता

    हर चरण पर आपको जानकारी दी जाती है, और हर फ़ैसला आपका ही रहता है।

कानून की जानकारी कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं होनी चाहिए।

अधिकतर लोग कानून से किसी कठिन समय में ही मिलते हैं। न्याय घर उन्हें अपने अधिकार समझने में मदद करता है।

आइए अपने अधिकार जानें

हमारी टीम

न्याय घर के पीछे के लोग।

रौनक खत्री

संस्थापक एवं पार्टनर

रौनक खत्री

दृष्टि, नेतृत्व एवं दिशा

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के पूर्व अध्यक्ष। कानून के छात्र रहते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज़ उठाई और छात्रों के लिए पीने के पानी व एयर-कंडीशनिंग पर राहत दिलाई।

संस्थापक एवं पार्टनर

निशांत खत्री

संचालन, कानूनी समन्वय एवं सहायता

रोज़मर्रा का संचालन देखते हैं, अधिवक्ताओं और नागरिकों के बीच कानूनी सेवाओं का समन्वय करते हैं, प्रक्रिया में लोगों की सहायता करते हैं और मदद माँगने वालों तक उसे पहुँचाते हैं।

प्रिंस वर्मा

टीम समन्वयक

प्रिंस वर्मा

टीम समन्वय एवं सहयोग

टीम के रोज़मर्रा के काम का समन्वय करते हैं, सदस्यों और स्वयंसेवकों को जोड़े रखते हैं और ध्यान रखते हैं कि लोगों के अनुरोध और सबका काम व्यवस्थित रूप से आगे बढ़े।

दिशांत सिहाग

टीम सदस्य

दिशांत सिहाग

संवैधानिक एवं चुनाव कानून

निर्मा विश्वविद्यालय से विधि स्नातक; संवैधानिक कानून और चुनाव कानून मुख्य विषय हैं। जटिल संवैधानिक प्रश्नों, कानूनी रणनीति और चुनावी प्रशासन की प्रक्रियाओं पर काम करते हैं।

न्याय घर को भारत के हर कोने तक

हमारा लक्ष्य है कि भारत के हर हिस्से में न्याय घर का कार्यालय हो, ताकि कानूनी मदद घर से दूर न रहे। यह नेटवर्क हम उन लोगों के साथ बना रहे हैं जो अपने इलाके को अच्छी तरह जानते हैं।

  • अपने जिले के लोगों को कानूनी मार्गदर्शन तक पहुँचाने में मदद करें
  • गाँवों और कस्बों में कानूनी जागरूकता सत्र चलाएँ
  • अधिवक्ताओं, कानून के छात्रों और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर काम करें
हमसे जुड़ें
शुरू करने से पहले

सामान्य प्रश्न

लोगों के सबसे आम सवालों के सीधे जवाब।

न्याय घर क्या है?

न्याय घर एक कानूनी मार्गदर्शन एवं जागरूकता की पहल है। हम नागरिकों को उनके अधिकार समझने में मदद करते हैं और उन्हें योग्य अधिवक्ताओं से जोड़ते हैं।

क्या मैं अपनी कानूनी समस्या ऑनलाइन भेज सकता/सकती हूँ?

हाँ। इस वेबसाइट पर कानूनी सहायता फ़ॉर्म हिंदी या अंग्रेज़ी में भरें। फ़ॉर्म भेजते ही आपको एक संदर्भ संख्या मिलेगी।

क्या प्रारंभिक परामर्श निःशुल्क है?

फीस और शर्तें संबंधित सेवा और अधिवक्ता पर निर्भर करती हैं। कोई भी सेवा लेने से पहले इनके बारे में पूछ लें।

सभी प्रश्न देखें

समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कहाँ से करें? हमें बताइए क्या हुआ।

अपनी समस्या अपने शब्दों में लिखें। हमारी टीम उसे पढ़कर आपसे संपर्क करेगी।

कानूनी सहायता लें

आगे बढ़ने से पहले

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया अधिवक्ताओं को विज्ञापन देने या काम माँगने की अनुमति नहीं देती। आगे बढ़कर आप पुष्टि करते हैं कि:

  • आप न्याय घर के बारे में जानने के लिए अपनी इच्छा से इस वेबसाइट पर आए हैं, हमारी या हमारे सदस्यों की ओर से किसी विज्ञापन, आग्रह या प्रलोभन के कारण नहीं।
  • इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है, यह कानूनी सलाह नहीं है।
  • इस वेबसाइट का उपयोग करने या इसके माध्यम से संपर्क करने मात्र से अधिवक्ता–मुवक्किल संबंध नहीं बनता।