
कानूनी परामर्श
आपकी स्थिति और उपलब्ध विकल्पों को समझने के लिए पहली बातचीत।
ज़रूरी समय-सीमाएँ और नंबर
- 15100
- नालसा विधिक सहायता हेल्पलाइन
- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के ज़रिए मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी के लिए।
- 112
- आपातकालीन नंबर
- आप या कोई और तुरंत खतरे में हो तो सबसे पहले इस पर कॉल करें।
- 1915
- राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन
- पैसे देकर लिए गए सामान या सेवा से जुड़ी समस्याओं के लिए।
परिचय
हर कानूनी समस्या किसी एक खाँचे में फ़िट नहीं होती, और बहुत से लोगों को समझ नहीं आता कि शुरुआत कहाँ से करें। कानूनी परामर्श पहली बातचीत है, जिसमें यह समझा जाता है कि हुआ क्या है, कौन-से कानून लागू हो सकते हैं, और कोई कदम उठाने से पहले आपके सामने क्या-क्या रास्ते हैं।

इस क्षेत्र में क्या-क्या आता है
इस क्षेत्र में लोग अक्सर इस तरह के मामले लेकर हमारे पास आते हैं।
नोटिस या आदेश को समझना
कानूनी नोटिस, समन या अदालती आदेश में असल में क्या लिखा है और आपसे क्या माँगा गया है।
सही कानूनी क्षेत्र पहचानना
यह समझना कि समस्या दीवानी है, आपराधिक है, पारिवारिक है या कुछ और।
दूसरी राय
दस्तखत करने, समझौता करने या केस दर्ज करने से पहले मामले को नए सिरे से देखना।
नौकरी, घर और सरकारी दफ़्तर से जुड़े अधिकार
आपकी रोज़मर्रा की स्थिति पर लागू हो सकने वाले अधिकारों की जानकारी।
समय-सीमा और अगले कदम
लागू हो सकने वाली समय-सीमाएँ बताना, और यह कि सबसे पहले क्या करना है।
मुफ्त कानूनी सहायता
क्या आप इसके पात्र हो सकते हैं, और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन कैसे करें।
कब मदद की ज़रूरत पड़ सकती है
इनमें से कुछ भी जाना-पहचाना लगे, तो जल्दी मार्गदर्शन लेना मददगार हो सकता है।
- आपको कानूनी नोटिस मिला है और समझ नहीं आ रहा कि इसका मतलब क्या है
- आपको पक्का नहीं कि आपकी समस्या दीवानी है, फौजदारी है या कुछ और
- दस्तखत करने, समझौता करने या केस दर्ज करने से पहले आप दूसरी राय चाहते हैं
- आप नौकरी, घर या किसी सरकारी दफ़्तर से जुड़े अपने अधिकार समझना चाहते हैं
मामला आमतौर पर कैसे आगे बढ़ता है
यह घटनाओं का सामान्य क्रम है। तथ्यों और आपके राज्य के अनुसार आपका मामला अलग हो सकता है।
- 1
आप अपनी बात बताते हैं
- 2
हमारी टीम उसे पढ़ती है
- 3
आपकी स्थिति समझाई जाती है
- 4
अगले कदमों की सूची
- 5
ज़रूरत हो तो वकील से संपर्क

न्याय घर कैसे मदद करता है
अपनी बात बताने के बाद आप हमारी टीम से क्या उम्मीद कर सकते हैं।
आपकी बात सुनना
आप हमारे फ़ॉर्म में अपने शब्दों में बताते हैं कि क्या हुआ, और हमारी टीम उसे ध्यान से पढ़ती है।
आपकी स्थिति समझाना
लागू हो सकने वाला कानून, आपके अधिकार और विकल्प हम सरल भाषा में समझाते हैं।
आगे की तैयारी
अगले चरण के लिए ज़रूरी कागज़ात, समय-सीमाएँ और सवालों की सूची बनाने में हम मदद करते हैं।
वकील से संपर्क
ज़रूरत हो तो हम आपको संबंधित क्षेत्र के मामले देखने वाले वकील से जोड़ते हैं।
ये दस्तावेज़ तैयार रखें
ये सब होना ज़रूरी नहीं। जो आपके पास है, वही बताएँ।
- जो हुआ उसका तारीखों के साथ छोटा लिखित ब्योरा
- मिला हुआ कोई भी नोटिस, समन, चिट्ठी या आदेश
- समस्या से जुड़े अनुबंध, रसीदें और दूसरे कागज़
- संबंधित मैसेज, ईमेल या तस्वीरें
इन गलतियों से बचें
छोटी-छोटी चूकें, जो बाद में मामले को मुश्किल बना सकती हैं।
- शर्मिंदगी या नुकसान के डर से तथ्य छिपाना, जबकि वही अक्सर सबसे अहम होते हैं
- मदद माँगने के लिए तारीख या समय-सीमा के बहुत करीब आने तक रुकना
- अपने मामले में सोशल मीडिया की सामान्य सलाह के आधार पर कदम उठाना
- कानूनी कागज़ को समझे बिना उस पर दस्तखत करना या उसका जवाब देना
आमतौर पर लागू होने वाले कानून
इस क्षेत्र से जुड़े मुख्य कानून, आसान भाषा में।
भारत का संविधान, अनुच्छेद 39क
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (धारा 132)
सामान्य प्रश्न
हर स्थिति अलग होती है। ये पृष्ठ इस क्षेत्र को सामान्य रूप से समझाते हैं; आपके मामले की समीक्षा उसके अपने तथ्यों के आधार पर होगी।
वकील से पहली मुलाकात में क्या लेकर जाएँ?
घटनाओं का छोटा ब्योरा, सभी ज़रूरी कागज़ात, संबंधित लोगों के नाम और अपने सवालों की सूची। वकील से पूरी बात खुलकर कहें, क्योंकि यह बातचीत कानूनन गोपनीय होती है।
मुफ्त कानूनी सहायता किसे मिल सकती है?
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 के तहत महिलाएँ और बच्चे, अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्य, दिव्यांगजन, हिरासत में रह रहे लोग और सरकार की तय सीमा से कम आय वाले लोग इसके पात्रों में शामिल हैं। आप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन कर सकते हैं या नालसा हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर सकते हैं।
क्या आगे की मदद से पहले शर्तें बताई जाएँगी?
हाँ। आगे की कोई भी मदद आपकी सहमति से और साफ़ बताई गई शर्तों पर ही तय होती है, ताकि आगे बढ़ने से पहले आपको सब पता हो।
क्या हिंदी में मार्गदर्शन मिल सकता है?
हाँ। आप अपनी समस्या हिंदी या अंग्रेज़ी में बता सकते हैं और अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं।

समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कहाँ से करें? हमें बताइए क्या हुआ।
अपनी समस्या अपने शब्दों में लिखें। हमारी टीम उसे पढ़कर आपसे संपर्क करेगी।
